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Bihar News: मुंगेर में ईडी की बड़ी कार्रवाई, जॉलीवुड म्यूजिक कंपनी से जुड़े मामले में निदेशक के घर छापेमारी

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Munger News: मुंगेर के जमालपुर में जॉलीवुड म्यूजिक कंपनी से जुड़े कथित निवेश घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने निदेशक के आवास पर छापेमारी कर दस्तावेजों की जांच शुरू की।

मुंगेर, 6 अगस्त। आलम की खबर:बिहार के मुंगेर जिले के जमालपुर में गुरुवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कथित निवेश घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई की। ईडी की टीम ने जॉलीवुड म्यूजिक इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े निदेशक जितेंद्र कुमार राजीव के आवास पर छापेमारी कर वित्तीय दस्तावेजों और लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड की गहन जांच की। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रखी गई और टीम ने कई घंटों तक घर के भीतर जांच पड़ताल की।

सूत्रों के अनुसार, ईडी की टीम सुबह तड़के जमालपुर थाना क्षेत्र के नया टोला फूलका स्थित आवास पर पहुंची। स्थानीय लोगों की गतिविधियां शुरू होने से पहले ही अधिकारियों ने जांच प्रारंभ कर दी। टीम ने घर में मौजूद लोगों से पूछताछ की और बैंकिंग रिकॉर्ड, निवेश से जुड़े कागजात तथा अन्य वित्तीय दस्तावेजों की जांच की।

जांच एजेंसी इस मामले में जयधन तांती और प्रिया राजीव रंजन से जुड़े वित्तीय लेनदेन की भी पड़ताल कर रही है। अधिकारियों का फोकस इस बात पर है कि निवेशकों से जुटाई गई राशि का उपयोग कहां किया गया और क्या धन को अवैध तरीके से इधर-उधर स्थानांतरित किया गया।

दरअसल, जॉलीवुड म्यूजिक इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड पर निवेश के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये जमा कराने और बाद में कार्यालय बंद कर देने का आरोप है। वर्ष 2024 में कंपनी का कार्यालय बंद होने के बाद बड़ी संख्या में निवेशकों ने जमालपुर थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।

जांच के दौरान कंपनी के निदेशक जितेंद्र कुमार राजीव फरार बताए गए थे। बाद में उन्होंने मुंगेर न्यायालय में आत्मसमर्पण किया, जिसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। वर्तमान में वह जेल में हैं। अब इसी मामले में ईडी मनी लॉन्ड्रिंग के पहलुओं, बैंक खातों, निवेश योजनाओं और संदिग्ध वित्तीय लेनदेन की अलग से जांच कर रही है।

अधिकारियों का मानना है कि जांच के दौरान मिले दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर आगे और भी लोगों से पूछताछ की जा सकती है। हालांकि ईडी ने छापेमारी पूरी होने तक आधिकारिक रूप से बरामदगी या आगे की कार्रवाई को लेकर विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है।

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बदलते जांच के दायरे से बढ़ेगी जवाबदेही

निवेश के नाम पर लोगों से रकम जुटाने और बाद में कंपनी के बंद होने जैसे मामलों ने आम लोगों का भरोसा कमजोर किया है। ऐसे मामलों में ईडी जैसी एजेंसियों की जांच केवल दोषियों तक पहुंचने का माध्यम नहीं होती, बल्कि यह भी तय करती है कि निवेशकों की गाढ़ी कमाई कहां गई। यदि जांच निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से पूरी होती है तो इससे आर्थिक अपराध करने वालों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी और भविष्य में निवेशकों का विश्वास भी मजबूत होगा।

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